“मध्यस्थ” व्यक्तित्व

(INFP-A / INFP-T)

मध्यस्थ व्यक्तित्व वाले लोग वास्तविक आदर्शवादी होते हैं, जो बुरे से बुरे लोगों और घटनाओं में भी अच्छाई का संकेत तलाशते रहते हैं, ऐसे तरीके ढूँढते रहते हैं जो चीज़ों को बेहतर बना दें। जबकि उन्हें शांत, धीर, अथवा यहाँ तक कि शर्मीले व्यक्तियों के रूप में देखा जा सकता है, मध्यस्थ लोग आंतरिक ज्वाला और जोश से भरे होते हैं जिसकी चमक सच में तेज़ होती है। जनसंख्या का केवल 4% बनाते हुए, मध्यस्थ व्यक्तित्व प्रकारों के लिए गलत समझे जाने का जोखिम बहुत ज़्यादा होता है – लेकिन जब वे अपना समय बिताने के लिए समान सोच वाले लोगों की संगत पा लेते हैं तो वे जिस मधुर संबंध का अनुभव करते हैं, वह उनके लिए उल्लास और प्रेरणा का स्रोत बन जाता है।

“मध्यस्थ” व्यक्तित्व (INFP-A / INFP-T)

मध्यस्थ लोग अपने सिद्धांतों द्वारा प्रेरित होते हैं, न कि तर्क, उत्तेजना और व्यावहारिकता द्वारा। जब वे यह तय कर लेते हैं कि कैसे आगे बढ़ना है, वे सम्मान, सौंदर्य, नैतिकता और सद्गुण की तलाश करते हैं – मध्यस्थ लोग अपने आशय की शुद्धता द्वारा प्रेरित होते हैं, न कि पुरस्कारों और दंडों से। मध्यस्थ व्यक्तित्व प्रकार के लोग इस ख़ूबी को लेकर गर्व महसूस करते हैं, और यह सही भी है, लेकिन हर कोई इन भावनाओं के पीछे की प्रेरणा को नहीं समझ पाता, और इसके कारण एकाकीपन आ सकता है।

हर चमकने वाली चीज़ सोना नहीं होती; हर इधर-उधर घूमने वाला व्यक्ति अपनी राह से भटका हुआ नहीं होता; पुरानी चीज़ अगर मज़बूत हो तो वह नष्ट नहीं होती; गहरी जड़ों तक बर्फ नहीं पहुँच पाती।

J. R. R. Tolkien

हमें मालूम है कि हम क्या हैं, लेकिन हम इससे अनजान हैं कि हम क्या बन सकते हैं

अपने सर्वोत्तम रूप में, ये गुण उपमाओं व कहावतों में आसानी से बातें करते हुए, अपने विचारों को बांटने के लिए प्रतीकों को समझते और बनाते हुए, मध्यस्थ व्यक्तित्व प्रकार को दूसरों के साथ गहराई से संचार करने में सक्षम करते हैं। यह सहजज्ञ संचार शैली रचनात्मक कार्यों में भी प्रकट होती है, और यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि कई प्रसिद्ध मध्यस्थ व्यक्ति कवि, लेखक और अभिनेता हैं। इस दुनिया में स्वयं को समझना और अपना स्थान समझना, ये मध्यस्थ व्यक्तित्व के लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है, और वे अपने कार्य के माध्यम से स्वयं को व्यक्त करके इन विचारों का अन्वेषण करते हैं।

मध्यस्थों में स्व-अभिव्यक्ति की प्रतिभा होती है, जो उनके सौंदर्य और रहस्यों को उपमाओं और काल्पनिक चरित्रों के माध्यम से प्रकट करती है।

मध्यस्थों की भाषा के साथ क्षमता भी उनकी पैदायशी भाषा तक ही सीमित नहीं होती – जहाँ तक दूसरी (या तीसरी!) भाषा सीखने की बात है, उन्हें प्रतिभाशाली माना जाता है। मध्यस्थों के संचार की यह प्रतिभा उनके मधुर संबंध बनाने की इच्छा में भी प्रकट होती है, और जैसे-जैसे ये अपने लक्ष्य की पहचान करने लगते हैं, ये ऐसे व्यक्तित्व के लोगों को आगे बढ़ने में सहायता करती है।

कई लोगों को सुनें, लेकिन कुछ के साथ ही बात करें

हालांकि, अधिक सामाजिक व्यक्तित्व के लोगों से अलग, मध्यस्थ अपना ध्यान केवल कुछ लोगों, एकमात्र योग्य उद्देश्य पर ही केन्द्रित करते हैं – अपने आप को बहुत ज़्यादा लिप्त करने पर उनकी ऊर्जा समाप्त हो जाती है, और यहाँ तक कि वे दुनिया की उन सभी बुरी चीज़ों के कारण निरुत्साहित और अभिभूत हो जाते हैं जिन्हें ठीक करने की क्षमता उनमें नहीं है। मध्यस्थों के मित्रों के लिए यह एक उदास करने वाला दृश्य है, जिनके लिए उनके उज्जवल दृष्टिकोण पर निर्भरता एक स्वभाव बन जाता है।

अगर वे सावधान न रहें तो मध्यस्थ अपने आप को अच्छाई की खोज में खो सकते हैं और जीवन की दैनंदिन माँगों को अनदेखा कर सकते हैं। मध्यस्थ किसी भी दूसरे व्यक्तित्व प्रकार से कहीं ज़्यादा परिकल्पित और दर्शनशास्त्र संबंधी विषयों के बारे में विचारते हुए, अक्सर गहरी सोच में खो जाते हैं। अगर वे नियंत्रण न रखें तो मध्यस्थ व्यक्तित्व के लोग वास्तविकता से संपर्क खो सकते हैं, "सन्यासी विधा" में प्रस्थान करते हुए, और उनके मित्रों और साथी बहुत अधिक ऊर्जा लगाकर ही उन्हें वास्तविक दुनिया में वापस लौटा पाते हैं।

सौभाग्यवश, वसंत में फूलों की तरह, मध्यस्थ की स्नेहशीलता, रचनात्मकता, परोपकारिता और आदर्शवादिता हमेशा लौट आती है, जो उन्हें और उनके प्रियजनों को पुरस्कृत करता है, शायद तर्क और उपयोगिता से नहीं, लेकिन एक ऐसे विश्व संबंधी दृष्टिकोण से जो वे जहाँ भी जाते हैं उन्हें करुणा, दयालुता और सौंदर्य से प्रेरित करता रहता है।

मध्यस्थ जिनसे आप शायद परिचित हों

क्या आपको अधिक जानना है?